सास-दामाद का भाग जाना: क्या रिश्ते पर प्रतिबंध खो रही है?”

83 / 100 SEO Score

“सास-दामाद का भाग जाना: क्या रिश्ते पर प्रतिबंध खो रही  है?”

सास-दामाद का भाग जाना: क्या रिश्ते पर प्रतिबंध खो रही है?"

सास-दामाद का भाग जाना

परिचय:
समाज में संप्रदाय की एक पारंपरिक संरचना है- सास-ससुर, मित्र, बेटी, पति-पत्नी। लेकिन जब इन रिश्तों की समानताएं टूटती हैं, तो न केवल परिवार, बल्कि समाज कायम रहता है। उत्तर प्रदेश के क्रिएटर से आई एक खबर में कुछ ऐसा ही कर दिखाया। यहां एक डॉक्यूमेंट्री अपनी ही सास के साथ हो गई।

पूरा मामला क्या है?
मदारॉक थाना क्षेत्र में अंटाल देवी नामक महिला और उसकी बेटी शिवानी के होने वाले पति राहुल के बीच एक ऐसा रिश्ता है, जिसने सभी को चौंका दिया। 6 अप्रैल को राहुल और उनके सास ससुर अचानक गायब हो गए। पहले तो लोगों ने इसे सामान्य ग़ायब होने का मामला समझा, लेकिन जब सच्चाई सामने आई, तो सार्वभौम सांस्कृतिक स्तर खिसक गया।

परिवार का हाल:
इटैलियन के पति और बेटी ने इस घटना को अपनी प्रतिष्ठा पर गहरी चोट बताई। उन्होंने नैतिकता और राहुल से सभी संबंध समाप्त कर दिए। 16 अप्रैल को, दोनों ने दादियों को चर्च में छोड़ दिया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और आगे की जांच शुरू कर दी।

जादू टोने का आरोप:
Rahul के पिता ने लगाए गंभीर आरोप राहुल के पिता ने राहुल पर वशीकरण कर अपने साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। उन्होंने यह भी कहा कि एनेटेल ने राहुल को ताबीज पहनाया था, जिससे उनका प्रभाव खत्म हो गया।

समाज के लिए प्रश्न:
यह घटना केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि समाज की ओर से एक चेतावनी है। हम संविधान की मर्यादाओं को क्या खोते जा रहे हैं? अब किस उम्र और सामाजिक संरचना की परिभाषा नहीं दी जा रही है? यह सिर्फ एक “अजब-गजब” खबर नहीं, बल्कि एक गहरी सामाजिक पीड़ा है।

निष्कर्ष:
ऐसी घटनाएं हमें यह बताती हैं कि क्या हम अपनी पारंपरिक नीतियों और प्रतिबंधों को भूलते जा रहे हैं? रिश्ते की गरिमा बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। जब सास और कलाकार जैसे स्वभाव भी अपने मूल चरित्र से बाहर जाने लगें, तो समाज को रुककर आत्मचिंतन करना चाहिए।

सास-दामाद का भाग जाना: क्या रिश्ते पर प्रतिबंध खो रही है?"

Comments (0)

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top